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Mangal Grah: मंगल लाइफ मे अमंगल, करे यह उपाए जो करेंगे कुंडली मे मंगल ग्रह को मजबूत होगा सब मंगल।

मंगल ग्रह, याने मार्स, सूर्य से चौथे स्थान पर स्थित है और हमारे सूर्य मंडल में एक ग्रह है। मंगल ग्रह एक घूमने वाला ग्रह है, जिसकी घनता पृथ्वी से कम है और यह पृथ्वी से लगभग दो गुना छोटा है। मंगल ग्रह पर्वतीय तथा औरतों के साथ-साथ आदमियों के लिए भी ठेढ़ा है। इसका घूमना सूर्य के आस-पास सबसे तेज़ है, जो करीबन 687 दिनों में पूरा करता है।

मंगल ग्रह के जीवन पर कुछ असर है। मंगल ग्रह में पृथ्वी से ठंडक कम है और ऑक्सीजन की कमी है। इस वजह से प्राणियों के जीवन के लिए यह अनुकूल नहीं है। लेकिन हाल ही में किए गए अध्ययन ने भारतीय चंद्रमण्डल यान "मंगलयान" द्वारा प्रस्तुत किया है कि पानी के अवशेष और जीवाणु पृथ्वी के मंडल से मौजूद होते हैं, जिससे भविष्य में मनुष्यों के लिए कुछ संभावनाएं हो सकती हैं।

विस्तृत रूप से कहें तो, ज्योतिष शास्त्र में माना जाता है कि मंगल ग्रह आदमियों के व्यक्तिव और जीवन पर प्रभाव डालता है। मंगल को युद्ध, शक्ति, प्रतिभा, पावनता, साहस, प्रतिष्ठा, स्वतंत्रता आदि से जोड़ा जाता है। वैदिक ज्योतिष में इसे धरती के रक्त को प्रतिष्ठित करता है। मंगल ग्रह के समय की दशा, ग्रहों के स्थिति और राशियों के साथ जुड़े हुए व्यक्ति के जीवन पर प्रभाव डाल सकती है।

यह किसी व्यक्ति के जीवन पर किस प्रकार का प्रभाव डालता है, इसके लिए व्यक्ति के जन्म-कुंडली का अध्ययन किया जाता है। जन्म-कुंडली में मंगल ग्रह के स्थिति, स्थान और संबंध पर आधारित होकर ज्योतिषियों को व्यक्ति के जीवन के विषय में और अधिक जानने में मदद मिलती है।

कमजोर मंगल के लक्षण व्यक्ति के व्यवहार, स्वास्थ्य और जीवन के कुछ पहलुओं में प्रभाव डाल सकते हैं। ये लक्षण निम्नलिखित हो सकते हैं:

  1. क्रोधित और उग्र व्यवहार: व्यक्ति में अधिक क्रोध और उग्रता के लक्षण हो सकते हैं।

  2. तनाव और चिंता: कमजोर मंगल वाले व्यक्ति में तनाव और चिंता की स्थिति बढ़ सकती है।

  3. कमजोर स्वास्थ्य: अगर मंगल ग्रह कमजोर है, तो व्यक्ति को स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याएं हो सकती हैं, जैसे मस्तिष्क की कमजोरी, एनर्जी की कमी आदि।

  4. आपातकालीन घायल होना: यदि कमजोर मंगल वाले व्यक्ति की कुंडली में अनुक्रमणिका योग हो, तो उन्हें आपातकालीन घायल होने की संभावना रहती है।

यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में कमजोर मंगल है और उसे इसके प्रभाव से निपटना चाहिए, तो वह निम्नलिखित उपाय कर सकता है:

  1. मंगल की पूजा: सोमवार को व्रत रखें और मंगल को पूजें। श्री हनुमान चालीसा और दुर्गा स्तोत्र का पाठ करें।

  2. मंगल रत्न: मंगल रत्न माणिक्याम, अंगूठी या मूंगा हो सकता है। अगर आपकी कुंडली में मंगल दोष है, तो एक ज्योतिषी से परामर्श लें और मंगल रत्न का उपयोग करें।

  3. मंगल दोष निवारण: यदि कुंडली में मंगल दोष है, तो कुछ विशेष पूजाएं और उपाय करने से इसे निवारित किया जा सकता है। इसके लिए एक पंडित से संपर्क करें और उपायों के बारे में जानें।

  4. योगाभ्यास: मंगल को सुदृढ़ करने के लिए योग और प्राणायाम का अभ्यास करें। योग स्थिरता और शांति को प्रदान कर सकता है और आपको मंगल के लक्षणों के साथ संघर्ष करने में मदद कर सकता है।

कृपया ध्यान दें कि ये सभी सामान्य उपाय हैं और आपके लिए सबसे उपयुक्त उपाय केवल एक विशेषज्ञ ज्योतिषी के द्वारा निर्धारित किया जा सकता है।

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