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Surya Dev:सूर्य देव क्यू कहलाते हैं ग्रहो के राजा, "इन उपाय से बदल देते पल भर में किस्मत "



सूर्य देव हिन्दू धर्म में एक प्रमुख देवता हैं। वे ग्रहों के राजा माने जाते हैं और जीवन की ऊर्जा और प्रकाश का प्रतीक हैं। सूर्य देव को विविध नामों से जाना जाता है, जैसे सूर्य, आदित्य, भानु, रवि और मार्तण्ड। हिन्दू धर्म में सूर्य देव को पूजनीय माना जाता है और उन्हें ऊर्जा, शक्ति, स्वास्थ्य, और सद्बुद्धि की प्राप्ति के लिए आराधना की जाती है। उन्हें हिन्दू पंचांग के नवग्रहों में स्थान मिलता है और उनका प्रतिष्ठान सूर्य मंदिरों में किया जाता है। सूर्य देव की पूजा सूर्योदय के समय अथवा सूर्यास्त के समय की जाती है और उनके उपासना में सूर्य गायत्री मंत्र उच्चारण किया जाता है।


सूर्य देव हमारे जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यहां वे कुछ महत्वपूर्ण कारण दिए गए हैं जो सूर्य देव के महत्व को समझाते हैं:

  • जीवन की आधारशिला: सूर्य देव हमारे जीवन की आधारशिला हैं। वे सौरमण्डल के केंद्र में स्थित हैं और प्रकाश के स्रोत के रूप में हमारे जीवन को संचालित करते हैं। उनकी किरणों के बिना जीवन संभव नहीं होता।

  • प्राकृतिक ऊर्जा का स्रोत: सूर्य देव प्राकृतिक ऊर्जा का मुख्य स्रोत हैं। उनकी किरणें हमें गर्मी, प्रकाश और ऊर्जा प्रदान करती हैं। इसके अलावा सूर्य द्वारा उत्पन्न होने वाली बिजली, वायु और जल आदि ऊर्जा के स्रोत को भी प्रभावित करती हैं।

  • स्वास्थ्य और उत्तेजना: सूर्य देव की किरणें विटामिन डी के उत्पादन को संचालित करती हैं जो हड्डियों के विकास और स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण होता है। सूर्य की किरणों का प्रतिदिन नियमित संपर्क हमारे मनोवैज्ञानिक और शारीरिक स्वास्थ्य को सुधारता है। इसके अलावा सूर्य की रोशनी संतुष्टि, ऊर्जा और उत्तेजना को बढ़ाती है।

  • पवित्रता और आध्यात्मिकता: सूर्य देव को हिंदू धर्म में पवित्र माना जाता है। उन्हें आध्यात्मिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जाता है। उनकी पूजा और आराधना से आध्यात्मिक संबंध बढ़ता है और मन को शुद्ध करता है।

  • ग्रह शान्ति: सूर्य देव की उपासना से ग्रहों की शांति और अनुकूलता प्राप्त होती है। विषम ग्रहों के प्रभाव को शांत करने के लिए सूर्य देव का आशीर्वाद लिया जाता है।

सूर्य देव हमारे जीवन में अनंत उपयोगिता और महत्व रखते हैं। उनकी उपासना और आराधना से हम अपने जीवन को संतुष्ट, स्वस्थ, उत्तेजित और आध्यात्मिक बना सकते हैं।


सूर्य देव को प्रसन्न करने के निम्नलिखित उपायों का पालन किया जा सकता है:

  • सूर्योदय के समय उठें: सूर्योदय के समय उठने से पहले एकांत में ध्यान और आराधना करें। यह उपाय सूर्य देव को प्रसन्न करने का प्रमुख तरीका माना जाता है।

  • सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित करें: प्रातः और सायंकाल में सूर्य के सामने खड़े होकर जल से अर्घ्य अर्पित करें। इसके द्वारा आप सूर्य देव को समर्पितता और प्रेम का संकेत देते हैं।

  • सूर्य नमस्कार करें: सूर्य नमस्कार एक व्यायाम और उपासना का संयोजन है जिसमें आप सूर्य की ओर मुड़ते हुए अलग-अलग आसनों को करते हैं। इसे द्वारा आप सूर्य देव की प्रसन्नता प्राप्त कर सकते हैं।

  • सूर्य के मंत्र का जाप करें: सूर्य देव के मंत्रों को जाप करने से उन्हें प्रसन्न करने में सहायता मिलती है। "ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः" यह मंत्र सूर्य देव को समर्पित है और उनकी कृपा प्राप्त करने में सहायता करता है।

  • सूर्य मंदिर में जाएं: सूर्य के मंदिर में जाकर उनकी पूजा और आराधना करें। इससे सूर्य देव को आपकी आस्था और समर्पण का अनुभव होता है।

  • सूर्य उपासना व्रत रखें: कई लोग सूर्य उपासना व्रत रखते हैं जिसमें वे नियमित रूप से सूर्य की पूजा और आराधना करते हैं। इससे उन्हें सूर्य देव की प्रसन्नता प्राप्त होती है।

याद रखें, सूर्य देव की प्रसन्नता के लिए श्रद्धा, समर्पण और नियमितता महत्वपूर्ण हैं। आप अपनी अपनी आस्था और विश्वास के अनुसार उपाय का चयन कर सकते हैं और इसे नियमित रूप से अपने जीवन में अंतर्निहित कर सकते हैं।


सूर्य देव हमारे जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यहां वे कुछ महत्वपूर्ण कारण दिए गए हैं जो सूर्य देव के महत्व को समझाते हैं:

  • जीवन की आधारशिला: सूर्य देव हमारे जीवन की आधारशिला हैं। वे सौरमण्डल के केंद्र में स्थित हैं और प्रकाश के स्रोत के रूप में हमारे जीवन को संचालित करते हैं। उनकी किरणों के बिना जीवन संभव नहीं होता।

  • प्राकृतिक ऊर्जा का स्रोत: सूर्य देव प्राकृतिक ऊर्जा का मुख्य स्रोत हैं। उनकी किरणें हमें गर्मी, प्रकाश और ऊर्जा प्रदान करती हैं। इसके अलावा सूर्य द्वारा उत्पन्न होने वाली बिजली, वायु और जल आदि ऊर्जा के स्रोत को भी प्रभावित करती हैं।

  • स्वास्थ्य और उत्तेजना: सूर्य देव की किरणें विटामिन डी के उत्पादन को संचालित करती हैं जो हड्डियों के विकास और स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण होता है। सूर्य की किरणों का प्रतिदिन नियमित संपर्क हमारे मनोवैज्ञानिक और शारीरिक स्वास्थ्य को सुधारता है। इसके अलावा सूर्य की रोशनी संतुष्टि, ऊर्जा और उत्तेजना को बढ़ाती है।

  • पवित्रता और आध्यात्मिकता: सूर्य देव को हिंदू धर्म में पवित्र माना जाता है। उन्हें आध्यात्मिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जाता है। उनकी पूजा और आराधना से आध्यात्मिक संबंध बढ़ता है और मन को शुद्ध करता है।

  • ग्रह शान्ति: सूर्य देव की उपासना से ग्रहों की शांति और अनुकूलता प्राप्त होती है। विषम ग्रहों के प्रभाव को शांत करने के लिए सूर्य देव का आशीर्वाद लिया जाता है।

सूर्य देव हमारे जीवन में अनंत उपयोगिता और महत्व रखते हैं। उनकी उपासना और आराधना से हम अपने जीवन को संतुष्ट, स्वस्थ, उत्तेजित और आध्यात्मिक बना सकते हैं।

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